मंगलवार, 13 अक्तूबर 2009

जाको राखे साईया......








बड़ी पुरानी कहावत है जाको राखे साईया मार सके न कोई ,लेकिन जो अपनी जान की परवाह न कर दुसरे की जान बचाने को अपनी जान जोखिम में डालने का हौसला रखता हो उसे भला मरने की हिमाकत कौन कर सकता है आख़िर ऊपर वाले को भी कही तो जवाब देना ही होगा । इस बात को साबित कर दिया उत्तर प्रदेश रोडवेज के बस चालक अजय यादव ने जिसने मंगलवार की रत गोरखपुर बलिया मार्ग पे सामने से आ रही ट्रक से भिडंत हो जाने से ट्रक के सामने लगा एक लोहे का राड uसके पेट में घुस कर पीछे से निकल गया लेकिन इस हालत में भी अजय ने हिम्मत से काम लिया और बस को बगल की खाई में गिरने से बचाकर ३ दर्जन यात्रियो की जान बचा ली । ट्रक का लोहा अजय के पेट में इस कदर घुसा था की उसे गैस क़तर से काट कर निकला गया और अजय को उसी हालत में गोरखपुर लाया गया जहा एक प्राइवेट अस्पताल में डॉक्टरो ने बड़ी मसक्कत से अजय के पेटसे लहे का राड निकला । फिलहाल अजय की हालत अभी गंभीर है और वो अभी जीवन और मौत के बिच संघर्ष कर रहा है , लेकिन जिस बहादुरी और हौसले का परिचय उसने दिया है वो वाकई न सिर्फ हैरान करने वाला बल्कि उसके सहस को सलाम करने वाला है ।
आप भी इश्वर से प्राथना करे की अजय की हालत जल्दी ठीक हो जाए .

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