गुरुवार, 16 अप्रैल 2009

...और बन गए मीडया की मज़बूरी

१६ तारीख बीत चुके है ,चुनाव का पहला चरण अपने चरणों के निचे प्रत्यासियों का परिणाम दबाय खड़ा दुसरे चरण की और पग बढ़ा दिया है ,ये चुनाव इस बार कई चीजो के लिए यद् किया जाएगा खासकर मीडिया में पैसे के बदले मैनज ख़बर छपने और दिखाने के लिए , इसमे कोई दो राय नही की मीडिया ने इस चुनाव में आम जनता को गुमराह किया है ,चुनाव में मीडिया का गुप्त एजेंडा है पैसा नही तो ख़बर नही ,जिसके शिकार वो लोग हो गए जो बड़े उत्साह से ईमानदारी की जमा पूंजी के बदौलत लोकतंत्र के महापर्व में किस्मत आजमाने आए थे ,ऐसे ही एक युवक है गोरखपुर के राजन यादव जो लोकसभा केचुनाव लड़कर कुछ नया करने की सोच रहे थे इनोहने ६ माह से चुनाव की तयारी शुरू कर दी थी और लगातार जनता के बिच रहे इस दौरान राजन ने ग्रामीण एरिया में बहुत काम किया गरीबो के राशन कार्ड बनवाने से लेकर कोटेदार के खिलाफ धरने पे भी बैठे विधवा और विकलांग पेंसन के लिए लडाई लड़ी भुखमरी और बेरोजगारी के लिए जिमेवार लेखपाल से लेकर तहसीलदार के खिलाफ मोर्चा खोला कई बार जेल जाने की भी नौबत आई लेकिन ग्रामीणों के जनसहयोग के आगे राजन से परेशां गोरखपुर के जिला प्रशासन कुछ कर नही सका ,राजन के संघर्ष के परिणाम ये रहा की बहुत से गरीबो के कार्ड बन गया और भे बहुत कम कराया राजन ने ,लेकिन दस आदमी के धरने को फोटो के साथ छाप देने वाला मीडिया राजन के संघर्ष को कभी दो लाइन के ख़बर लायक नही समझा ऐसे में राजन बहुत निराश था की जब मीडिया उनकी बातो उनकी लडाई को न तो छपती है न दिखाती है तो भला चुनाव में उनकी बात जनता तक कैसे पहुचेगी ,
उन्होंने कई पत्रकारों से गुहार लगाई लेकिन उन्हें जल्दी समझ आ गया की उनकी गलती ये है की २६ जनवरी १५ ऑगस्ट, होली, दिवाली के मौके पे कभी कोई सुभकामना संदेश के विज्ञापन नही छपवाया और चले आए नेता बनने । राजन को बात देर से समझ में आयी के बिना छपे नेता नही बनता और साधारण चीज मुफ्त में नही छपती ऐसे में मनेजमेंट के इस स्टुडेंट को एक शुभचिंतक पत्रकार ने सुझाया की बेटा राजन यदि छापना चाहते हो तो आसाधारण बनो कुछ ऐसा करो की मीडिया की मज़बूरी बन जाओ । बात राजन को समझ में आ गयी और उसके बाद तो राजन रोज न सिर्फ़ अखबारों में छपने लगे बल्कि देश के तमाम राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल की हेड लाइन बन गए कुछ चैनल ने तो राजन को आधा घंटा के स्पेशल बुलेटिन में रखा ,हुआ यु की उस पत्रकार की सलाह से राजन ने अपने चुनाव के अंदाज ही बदल दिया राजन ने २०० रुपये में एक अर्थी खरीदी और अपने ४ साथियों को की मदद से अर्थी पे बैठ कर नामांकन करने पहुच गए ,योगी आदित्य नाथ भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी के इंतजार में खड़ी मीडिया को लगा अरे इससे बड़ी ख़बर और क्या हो सकती है फिर क्या था दिल से ईमानदारी के काम के वावजूद कभी दो लाइन की ख़बर न बन्ने वाले राजन नौटंकी के बदौलत सभी आख्बरो में दुसरे दिन राजन के ही जलवे थे राजन को अब पता चल गया के ये मीडिया क्या चाहती है और राजन ने अपना चुनाव कार्यालय भी शमसान घाट पे खोल लिया और प्रतिदिन सुबह ४ कन्धा देने वाले मित्रो के मदद से अर्थी पे बैठकर जनसंपर्क उनकी दिनचर्या बन गयी ,स्थानीय अखबारों में ख़बर देख कर देश की तमाम बड़े प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि गोरखपुर पहुचने लगे और देश के तमाम पत्र पत्रिकाए समेत विदेशी न्यूज़ एजेंसियों की लाइन लगने लगी राजन के शमसान वाले कार्यालय ,राजन से जब कोई पत्रकार अर्थी के कारन पूछता तो वे सधे और मंजे नेता की तरह जवाब देते की राजन अपनी जनता के लिये मरने को भी तैयार है और मेरे मरने के बाद किसी को मेरे लिए अर्थी जुटाने की तकलीफ भे न करने पड़े इसलिये मैंने अपना कार्यालय भी शमसान में खोला है और वही नेता जनता की सेवा कर सकता है जो जीवन के अन्तिम सत्य मौत के स्वागत के लिए तैयार रहे

सोमवार, 13 अप्रैल 2009

नो पूर्वांचल नो वोट

पूर्वांचल के मुद्दे पे नेताओ के उपेक्षा के विरोध में पूर्वांचल सेना गोरखपुर ने मतदान का बहिष्कार करने की थान ली है और लोगो से भी अपील कर रहे है ,कुछ इस अंदाज में


शुक्रवार, 10 अप्रैल 2009

सबसे बड़ा कालीन


कहने को भले ही चाइना दुनिया में कालीन और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में नम्बर एक होने का दावा कर रहा हो लेकिन उसे अपने देश में खुल रहे होटल हयात में बिछने वाले कालीन के लिए भारत के आगे हाथ फैलाना पड़ा है ,
दुनिया के सबसे बड़े सेवन स्टार होटल हयात ने अपने बैन कटिंग हाल के लिए भादोही
के कालीन निर्माता उमर एंड संस को १६० फुट लंबे और ११३ फुट चौडे कालीन बनने का आर्डर दिया है जिसको बनाने में इन दिनों १९० बुनकर दिनरात एक कर लगे है , कालीन निर्माता जाबिर अंसारी के अनुसार यह दुनिया में बिछने वाला अब तक का सबसे बड़ा कालीन है ,तेरह शिफ्टों में बन रहे इस कालीन में १०३०६८ गठे है और इसका वजन ७०० किवंटल है और इसकी लागत १५ लाख रुपये है







बुधवार, 8 अप्रैल 2009

नेता जी कहिन

लोकसभा चुनाव के पहले चरण में पूर्वांचल में इन दिनों सभी पार्टी के नेताऒ के दौरे हो रहे है और सभी अपने तरकश से जुबानी तीर चला रहे है ,आप भी जानिए किसने किसपे कौन सा तीर चलाया

वर्तमान सरकार आतंकवाद का सामना करने में विफल है
किसान आत्महत्या कर रहे है
जय श्री राम का नारा तभी सार्थक होगा जब राम मन्दिर बन जाएगा
( अडवानी गोरखपुर में )



जिनके पास कोई मुद्दा नही होता वो आतंकवाद को मुद्दा बनते है
जब संसद पे हमला हुआ था तब देश का गृहमंत्री कौन था

(सोनिया ,बांसगाव में )


कुछ लोग धर्म के नाम में कट्टरता फैला रहे है
विमान अपहरण कांड में आतंकवादियो के सामने किसने घुटने टेक दिए
हम गरीबो का विकास करना चाहते है
( राहुल ,महराजगंज में )


सोनिया और उसका दुधमुहा बेटा की हालत खिसयानी बिल्ली वाली है
जो खम्भा नोचने का काम कर रही है
( योगी आदित्य नाथ ,गोरखपुर में )

(


कांग्रेस जब से शासन में है महगाई बढती जा रही है
जनता भाजपा को को विकल्प के रूप में देख रही है
(राजनाथ ,देवरिया में )


लालू और रामविलास फयूज बल्ब है जो रौशनी नही देता
लालू मुलायम को फिर धोखा देगे
( नीतिश कुमार बलिया में )



मनोज तिवारी को वोट देने का और बाकि को मामू बनने का
( संजय दत्त गोरखपुर में मतदाताओ से )


बर्खास्त सिपाही कायर है जो चुप बैठे है
सरकार बदल दो नौकरी वापस मिल जायेगी
(मुलायम ,बलिया में )




क्या काशी की पहचान अब माफिया मुख्तार से होगी
( अशोक सिंघल , गोरखपुर में )


बुधवार, 18 मार्च 2009

वर्दी


जब भी आप पुलिस की चर्चा करते होगे तो
उसकी बुराई ही प्राथमिक होती होगी और
ये तो अक्सर कहा जाता है पुलिस अपनी

वर्दी का ख्याल नही रखती और अक्सर वे
अपनी वर्दी को शर्मसार करते है लेकिन आज
हम आपको दिखाते है एक पुलिस वाले को जो
अपनी वर्दी को किस कदर ,
संभल कर रखता है
इस पुलिस वाले की एक दिन आपात ड्यूटी लग
गई जहा उसे दो दिन रहना था और तुंरत
भी था ,उसने सोचा मोटरसायकिल से ही निकल ले
लेकिन साथ में एक और वर्दी और बन्दूक भी ले
जानी थी और motarsaykal
पे जगह थी नही ,सो उसने अपनी वर्दी को हैंगर
में लटकाया बेल्ट और टोपी पोलीथिन में डालकर
उसे भी हैंगर में लटकाया और हैंगर को अपने पीछे शर्ट में लटकाया बगल में बन्न्दूक और निकल पड़ा ड्यूटी बजाने
भाई वह क्या पुलिस वाला है और हम है की हमेशा बुराई ही करते है

रविवार, 15 मार्च 2009

एक स्टेशन कुत्तो का भी


होली के हाने
लगता है होली के अवसर पर जिस तरह सभी कंपनिया आफ़र स्कीम चला रही है उसी तरह लालू का रेल विभाग भी अपना फायदा बढ़ाने के लिये जुगाड़ लगा रहा है ,रेल मंत्री के चुनाव ज़ोन में खूब काम हुआ है ये तो सभी जानते है लेकिन शायद ही कोई जनता हो की रेल का फायदा और बढ़ाने के लिए रेलवे अब कुत्तो को भी रेल में यात्रा कराएगा वो भे रेल मंत्री के रेल ज़ोन पुर्वोतेर रेलवे जिसका मुख्यालय गोरखपुर है ,
जी हां इस स्टेशन पे कुत्तो का मुक्त विचरण देख के तो यही लगता है कि प्लात्फोर्म १ को इन आदमी के इन SWAMIBHAKT DOSTO के लिए ही बनाया गया है ,आप ख़ुद ही देखे ये किस तरह ट्रेन आने का INTZAR कर रहे है और आदमी की MAJAL क्या जो इनके KARIB जाए तो आप भी कहे रेल मंत्री JINDABAD
लालू SA RA RA RA ............RA


शनिवार, 14 मार्च 2009

हम सब का ऑस्कर


ऑस्कर से हम सब खुश है और उसका कारन भी है














Most Alien like Insects on Earth




This alien poses as a damselfly of the Zygoptera suborder. People often fail to notice that they hold their wings differently when at rest and are also smaller than dragonflies. Oh, and did you notice, their eyes are separated. Though running might be better than waiting to see the blue in their eyes…


Listen to me, Earthling, feel the mighty wrath of Gandalf the Green!" This green bush cricket of the TettigoniidaeLord of the Rings.



Call me a cricket one more time!" Grasshoppers have horns or antennas that are shorter than their body, unlike their relatives', the bush crickets. They may look well shielded but lose many a battle when they end up as a protein-rich delicacy on someone's plate in many parts of the world.


"Who you're calling an alien? Our ancestors have been around since 350 million BC!" Wasps are said to be terrestrial but some of them look positively extra-terrestrial. Though often called pests, they are in fact very important for ecosystems: as food for other insects and birds or as predators limiting the populations of many other species.